घरेलू कामगारों के अधिकार: मज़दूरी, सुरक्षा और मदद कहाँ मिले
श्रम संहिताओं, POSH और बाल श्रम क़ानून में घरेलू कामगारों (बाई, रसोइया, आया, ड्राइवर) के अधिकार; ई-श्रम पंजीकरण; और शिकायत कहाँ करें।
संक्षेप में
- घरेलू काम भी काम है। अपने राज्य में घरेलू कामगारों की न्यूनतम मज़दूरी जानें, और हर भुगतान का हिसाब रखें।
- ई-श्रम पोर्टल या कॉमन सर्विस सेंटर पर मुफ़्त पंजीकरण कराएँ, ताकि असंगठित कामगार कार्ड और योजनाओं का लाभ मिले।
- घर में यौन उत्पीड़न पर POSH अधिनियम लागू है। ज़िले की स्थानीय समिति (Local Committee) में आम तौर पर 3 महीने के भीतर शिकायत करें।
- आपको जाने से रोकने के लिए कोई आपका आधार, फ़ोन या मज़दूरी नहीं रख सकता। यह बेगार हो सकती है, जो अपराध है। 112 पर कॉल करें।
- 14 साल से कम उम्र का बच्चा किसी घर में काम कर रहा हो: 1098 पर कॉल करें।
आप खाना बनाते हैं, सफ़ाई करते हैं, बच्चों या बुज़ुर्गों की देखभाल करते हैं, या किसी परिवार की गाड़ी चलाते हैं। शायद आप दिन में चार घरों में काम करते हैं, या एक ही घर में रहते हैं। क्या आपको न्यूनतम मज़दूरी का हक़ है? छुट्टी का? पैसे न मिलें, या घर का कोई सदस्य परेशान करे तो क्या करें? यह लेख घरेलू कामगारों के लिए है, और उन नियोक्ताओं के लिए भी जो सही करना चाहते हैं।
घरेलू कामगार कौन है
घरेलू कामगार वह है जो किसी निजी घर में मज़दूरी पर घरेलू काम करता है: पूरे समय, कुछ घंटे, घर में रहकर, या किसी प्लेसमेंट एजेंसी के ज़रिए। इसमें रसोइया, सफ़ाईकर्मी, आया, देखभाल करने वाले, ड्राइवर और माली शामिल हैं। आप एक घर में काम करें या कई में, क़ानून आपकी रक्षा करता है।
2026 तक घरेलू कामगारों के लिए कोई अलग राष्ट्रीय क़ानून नहीं है। पर कई क़ानून पहले से लागू हैं, और कुछ राज्यों के अपने कल्याण बोर्ड और मज़दूरी अधिसूचनाएँ हैं।
आज के क़ानून में आपके अधिकार
- न्यूनतम मज़दूरी। 21 नवंबर 2025 से लागू वेतन संहिता, 2019 कर्मचारियों पर व्यापक रूप से लागू है। कई राज्यों ने घरेलू काम के लिए न्यूनतम मज़दूरी अधिसूचित की है, अक्सर घंटे या काम के हिसाब से। दरें राज्य के हिसाब से अलग हैं, इसलिए राज्य श्रम विभाग की अधिसूचना देखें।
- बराबर वेतन। यही संहिता एक जैसे काम के लिए लिंग के आधार पर कम भुगतान पर रोक लगाती है।
- सामाजिक सुरक्षा। सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 घरेलू कामगारों को असंगठित कामगार मानती है, जिन्हें सरकारी कल्याण योजनाओं में शामिल किया जा सकता है। महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे कुछ राज्यों में कल्याण बोर्ड हैं, जो पंजीकृत घरेलू कामगारों को मातृत्व सहायता, बच्चों की छात्रवृत्ति या पेंशन जैसे लाभ देते हैं। लाभ राज्य के हिसाब से अलग हैं।
- यौन उत्पीड़न से सुरक्षा। कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम, 2013 (POSH अधिनियम) घरेलू कामगारों को साफ़ तौर पर शामिल करता है, और निजी घर इसके तहत "कार्यस्थल" है। घर में आंतरिक समिति नहीं होती, इसलिए आप हर ज़िले में ज़िला अधिकारी द्वारा बनाई गई स्थानीय समिति में शिकायत करती हैं।
- बाल श्रम नहीं। बाल और किशोर श्रम (प्रतिषेध और विनियमन) अधिनियम, 1986 के तहत 14 साल से कम उम्र के बच्चे को किसी भी घर में काम पर रखना मना और दंडनीय है।
- बेगार नहीं। कामगार को बंद रखना, रोकने के लिए मज़दूरी रोकना, या पहचान के काग़ज़ छीन लेना बंधुआ या बलात् श्रम (forced labour) हो सकता है, जो अपराध है। घरेलू काम के लिए किसी की तस्करी धारा 143 BNS के तहत अपराध है। संविधान अनुच्छेद 23 में बेगार पर रोक लगाता है।
- हिंसा और दुर्व्यवहार। नियोक्ता द्वारा मारपीट, धमकी, बंद रखना या यौन हमला किसी भी दूसरे अपराध की तरह अपराध है। आप किसी भी थाने में रिपोर्ट कर सकते हैं।
क़दम दर क़दम: ई-श्रम पर पंजीकरण
- आधार कार्ड, उससे जुड़ा मोबाइल नंबर और बैंक पासबुक तैयार रखें।
- श्रम और रोज़गार मंत्रालय के ई-श्रम पोर्टल (eshram.gov.in) पर जाएँ, या मदद चाहिए तो नज़दीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) जाएँ। पंजीकरण मुफ़्त है।
- आधार डालकर OTP से पुष्टि करें। काम में "घरेलू कामगार", अपना पता और बैंक विवरण भरें।
- यूनिवर्सल अकाउंट नंबर वाला ई-श्रम कार्ड डाउनलोड या प्रिंट करें। उसकी एक कॉपी किसी भरोसेमंद व्यक्ति के पास रखें।
- स्थानीय श्रम कार्यालय या यूनियन से यह भी पूछें कि आपके राज्य में घरेलू कामगार कल्याण बोर्ड है या नहीं, और राज्य के लाभों के लिए वहाँ भी पंजीकरण कराएँ।
क़दम दर क़दम: मज़दूरी न मिले तो
- हिसाब रखें। एक छोटी कॉपी में काम के दिन, घंटे, मिली मज़दूरी और लिया गया एडवांस लिखें। अपने बैंक खाते या UPI में भुगतान माँगें; इससे सबूत बनता है।
- लिखकर या मैसेज से माँगें। बकाया महीने और रकम बताता WhatsApp मैसेज भी अपने-आप में उपयोगी सबूत है।
- श्रम अधिकारी के पास जाएँ। ज़िले के श्रम अधिकारी या सहायक श्रम आयुक्त से शिकायत करें। वेतन संहिता के तहत बकाया मज़दूरी के दावे आम तौर पर तीन साल के भीतर दायर हो सकते हैं। घरेलू कामगार यूनियन मदद कर सकती है।
- मुफ़्त क़ानूनी मदद लें: 15100 या ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण।
यौन उत्पीड़न हो तो
ज़िला अधिकारी (आम तौर पर ज़िलाधिकारी, या राज्य द्वारा तय अधिकारी, अक्सर महिला एवं बाल विकास विभाग से) के ज़रिए स्थानीय समिति को लिखित शिकायत दें। घटना के तीन महीने के भीतर दें; ठोस कारण होने पर समिति यह समय बढ़ा सकती है। घरेलू कामगार के मामले में, अगर समिति को पहली नज़र में मामला बनता दिखे, तो वह शिकायत एफ़आईआर दर्ज करने के लिए पुलिस को भेजती है। आप सीधे पुलिस के पास भी जा सकती हैं, और महिलाएँ मदद के लिए 181 पर कॉल कर सकती हैं।
लक्ष्मी गुरुग्राम में आठ महीने एक परिवार के घर में रहकर खाना बनाती थीं। परिवार अनियमित भुगतान करता था और उनका आधार कार्ड "सुरक्षा के लिए" अपने पास रखे था। जब लक्ष्मी ने काम छोड़ने की बात कही, तो उन्होंने कार्ड लौटाने से मना किया और तीन महीने की तनख़्वाह काटने की धमकी दी। लक्ष्मी ने अपनी यूनियन को फ़ोन किया, जिसकी मदद से उन्होंने 112 पर कॉल किया। पुलिस ने उसी दिन उनके काग़ज़ और सामान लौटवाए। फिर यूनियन की मदद से उन्होंने अपनी कॉपी और UPI रिकॉर्ड को सबूत बनाकर श्रम अधिकारी के पास मज़दूरी का दावा किया।
ये तैयार रखें
- आधार, बैंक पासबुक और ई-श्रम कार्ड की कॉपी, किसी भरोसेमंद परिजन के पास।
- काम के दिनों, घंटों और भुगतान की आपकी कॉपी।
- बैंक या UPI रिकॉर्ड, और वेतन या काम से जुड़े मैसेज।
- नियोक्ता का नाम, पता और फ़ोन नंबर, और एजेंसी के ज़रिए गए हों तो उसका विवरण।
- उत्पीड़न के मामले में: तारीख़ें, क्या हुआ, और जिसने देखा या सुना उसका नाम।
अपना मूल आधार, पासपोर्ट या फ़ोन कभी नियोक्ता या एजेंसी को न सौंपें। सत्यापन के लिए फ़ोटोकॉपी काफ़ी है। किसी एजेंट के ज़रिए दूसरे शहर जा रहे हों, तो परिवार को एजेंट का नाम, फ़ोन नंबर और काम की जगह का पता बता दें।
कहाँ जाएँ
- आपातकाल, हिंसा या बंद रखा जाना: 112, या नज़दीकी थाना।
- मज़दूरी न मिलना: ज़िले का श्रम अधिकारी; ऑनलाइन samadhan.labour.gov.in; या घरेलू कामगार यूनियन।
- यौन उत्पीड़न: ज़िला अधिकारी के ज़रिए स्थानीय समिति; महिला हेल्पलाइन 181; SHe-Box पोर्टल (shebox.wcd.gov.in)।
- बाल घरेलू कामगार: 1098।
- योजनाओं के लिए पंजीकरण: ई-श्रम या नज़दीकी कॉमन सर्विस सेंटर।
- मुफ़्त क़ानूनी मदद: 15100 या ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण (nalsa.gov.in)।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या घरेलू कामगारों के लिए न्यूनतम मज़दूरी है?
कई राज्यों ने घरेलू काम के लिए न्यूनतम मज़दूरी अधिसूचित की है, अक्सर घंटे या काम के हिसाब से, और वेतन संहिता कर्मचारियों पर व्यापक रूप से लागू है। दरें राज्य के हिसाब से अलग हैं, इसलिए राज्य श्रम विभाग की ताज़ा अधिसूचना देखें या घरेलू कामगार यूनियन से पूछें।
क्या घरों में काम करने वाली महिलाओं पर यौन उत्पीड़न क़ानून लागू है?
हाँ। POSH अधिनियम, 2013 घरेलू कामगारों को साफ़ तौर पर शामिल करता है और निजी घर को कार्यस्थल मानता है। अपने ज़िले की स्थानीय समिति में आम तौर पर तीन महीने के भीतर शिकायत करें; समिति मामला एफ़आईआर के लिए पुलिस को भेज सकती है।
क्या नियोक्ता मेरा आधार रख सकता है या मुझे काम छोड़ने से रोक सकता है?
नहीं। रोकने के लिए आपके काग़ज़ या मज़दूरी रखना बलात् या बंधुआ श्रम हो सकता है, जो अपराध है। आपको काम छोड़ने का हक़ है। रोका या बंद किया जाए तो 112 पर कॉल करें; बकाया मज़दूरी का दावा बाद में कर सकते हैं।
सरकारी योजनाओं के लिए घरेलू कामगार के रूप में पंजीकरण कैसे करें?
आधार, उससे जुड़े मोबाइल नंबर और बैंक खाते के साथ ई-श्रम पोर्टल या कॉमन सर्विस सेंटर पर मुफ़्त पंजीकरण कराएँ। आपको ई-श्रम कार्ड मिलेगा। यह भी देखें कि आपके राज्य में घरेलू कामगार कल्याण बोर्ड है या नहीं, जिसका अलग पंजीकरण होता है।
यह लेख जागरूकता के लिए सामान्य जानकारी है, क़ानूनी सलाह नहीं। अपनी स्थिति के लिए किसी वकील से सलाह लें या मुफ़्त क़ानूनी सहायता के लिए 15100 पर कॉल करें।
