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परिचय

न्याय पाठशाला के बारे में

हम कौन हैं, हम क्या करना चाहते हैं, और इसकी शुरुआत किसने की।

न्याय पाठशाला भारत के नागरिकों के लिए एक मुफ़्त, स्वतंत्र क़ानूनी जागरूकता मंच है।

हम सरल भाषा में बताते हैं कि क़ानून हर नागरिक को पहले से कौन-से अधिकार देता है: पुलिस एफ़आईआर दर्ज न करे तो क्या करें, ज़मानत कैसे मिलती है, आरटीआई कैसे लगाएँ, अपनी जमा राशि या वेतन कैसे वापस पाएँ, और बहुत कुछ। सब कुछ मुफ़्त है, हिन्दी और अंग्रेज़ी में, और फ़ोन पर पढ़ने लायक़।

लेखों के साथ हम काम के औज़ार भी बनाते हैं: “क्या हुआ?” मदद खोजक, भेजने के लिए तैयार पत्र और क़ानूनी नोटिस, और इस हफ़्ते का फ़ैसला।

हम कैसे काम करते हैं

  • सटीकता सबसे पहले। हर धारा, समय-सीमा और हेल्पलाइन को मूल अधिनियम, सरकारी अधिसूचना या अदालत के रिकॉर्ड से जाँचकर ही छापा जाता है।
  • मौजूदा क़ानून। हम भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम और नई श्रम संहिताओं का इस्तेमाल करते हैं।
  • जानकारी, सलाह नहीं। अपने मामले के लिए वकील से सलाह लें या मुफ़्त क़ानूनी सहायता के लिए 15100 पर कॉल करें।
  • सबके लिए खुला। छात्र, शिक्षक, वकील और नागरिक हमारे अतिथि स्तंभ में लिखते हैं।
  • स्वतंत्र। कोई विज्ञापन नहीं, कोई पेड प्रचार नहीं, कोई डेटा बिक्री नहीं।

हमारी टीम से मिलें →

हमें लिखें

संपादकीय, अतिथि स्तंभ और सुधार: editor@nyayapathshala.co.in
कार्यशाला, सहयोग और अन्य प्रश्न: contact@nyayapathshala.co.in

हमारा उद्देश्य

न्याय पहले, क़ानून बाद में

क़ानून नियम है। न्याय वह कारण है जिसके लिए नियम बना। यह पहल इस विश्वास से शुरू होती है कि दूसरा, पहले से पहले पढ़ाया जाना चाहिए।

मैं क़ानून पढ़ाता हूँ। हर सेमेस्टर मैं देखता हूँ कि होनहार छात्र धाराएँ, परीक्षण और नज़ीरें तो सीख लेते हैं, पर हम शायद ही रुककर पूछते हैं कि नतीजा न्यायपूर्ण है या नहीं। क़ानून एक औज़ार है; न्याय उसका उद्देश्य।

न्याय पाठशाला न्याय को फिर से केंद्र में लाने की कोशिश है: आम नागरिकों के लिए, जिन्हें अपने अधिकार समझने का हक़ है, और कक्षा के लिए, जहाँ अगली पीढ़ी के वकील तैयार होते हैं। जो न्याय समझ में न आए, उसे माँगा नहीं जा सकता।

शशांक शेखर, संस्थापक

न्याय

क़ानून से ऊपर न्याय

हर लेख बताता है कि नियम क्या है, और वह किसकी रक्षा करता है।

सरल

सरल शब्द

अगर कोई नागरिक थाने में खड़े होकर फ़ोन पर इसे न पढ़ सके, तो हम इसे फिर से लिखते हैं।

समाज

कक्षा से समाज तक

छात्रों, वकीलों, अभियोजकों और पुलिस अधिकारियों के साथ परखे गए पाठ, सबके लिए।

शशांक शेखर

संस्थापक और संपादक

शशांक शेखर

विधि के सहायक प्रोफ़ेसर, लॉयड लॉ कॉलेज, ग्रेटर नोएडा

एलएल.एम., राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, दिल्ली · पीएच.डी. (जारी), जामिया मिल्लिया इस्लामिया

शशांक संवैधानिक क़ानून, आपराधिक क़ानून और विधायी प्रारूपण पढ़ाते हैं। वे विधि और न्याय मंत्रालय में लेजिस्लेटिव फ़ेलो रहे और मध्यस्थता विधेयक, 2024 की प्रारूप टीम का हिस्सा थे। वे अदालतों, अधिकारों और संविधान पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रकाशनों में नियमित लिखते हैं, और नए आपराधिक क़ानूनों पर पुलिस जाँच अधिकारियों, अभियोजकों, वकीलों और एनजीओ कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दे चुके हैं।

विस्तृत प्रोफ़ाइल, लेखों की सूची और व्याख्यान अंग्रेज़ी पेज पर देखें।

संस्थापक

शशांक शेखर संस्थापक और संपादकशशांक शेखरविधि के सहायक प्रोफ़ेसर, लॉयड लॉ कॉलेज, ग्रेटर नोएडा क़ानून एक औज़ार है; न्याय उसका उद्देश्य। जो विधि विद्यालय नियम सिखाए और उसका कारण भूल जाए, वह संरक्षक नहीं, केवल तकनीशियन तैयार करता है। शशांक ने 2026 में न्याय पाठशाला की स्थापना एक सीधे विश्वास के साथ की: क़ानून से पहले न्याय पढ़ाया जाना चाहिए, और जिन लोगों को अपने अधिकार जानने की सबसे ज़्यादा ज़रूरत है, उन्हीं तक उनकी सरल व्याख्या सबसे कम पहुँचती है। वे इस पहल और इसके संपादकीय मंडल का नेतृत्व करते हैं, हर गाइड के लिए मानक तय करते हैं (सरल शब्द, मौजूदा क़ानून, जाँचे हुए संदर्भ), और आपराधिक प्रक्रिया, गिरफ़्तारी, ज़मानत और संविधान पर गाइड ख़ुद लिखते और जाँचते हैं। वे अतिथि स्तंभ भी चलाते हैं, जिसमें छात्र, शिक्षक और वकील लिखते हैं, और कैंपस एंबेसडर कार्यक्रम, जो क़ानूनी जागरूकता को विधि विद्यालयों से समुदायों तक ले जाता है। shashank@nyayapathshala.co.inपूरी प्रोफ़ाइल पढ़ें →

संपादकीय मंडल · सह-संपादक

डॉ. सोनिया पांडेय डॉ. सोनिया पांडेयसह-संपादकविधि की सहायक प्रोफ़ेसर, लॉयड लॉ कॉलेज, ग्रेटर नोएडाsonia@nyayapathshala.co.inप्रोफ़ाइल देखें →शिवानी चौहान शिवानी चौहानसह-संपादकविधि की सहायक प्रोफ़ेसर, लॉयड लॉ कॉलेज, ग्रेटर नोएडाshivani@nyayapathshala.co.inप्रोफ़ाइल देखें →वसी उल्लाह वसी उल्लाहसह-संपादकविधि के सहायक प्रोफ़ेसर, लॉयड लॉ कॉलेज, ग्रेटर नोएडाwasi@nyayapathshala.co.inप्रोफ़ाइल देखें →डॉ. स्निग्धा कुरियाल डॉ. स्निग्धा कुरियालसह-संपादकविधि की सहायक प्रोफ़ेसर, किरीट पी. मेहता स्कूल ऑफ़ लॉ, NMIMSsnigdha@nyayapathshala.co.inप्रोफ़ाइल देखें →डॉ. अविनाश कृष्ण गोस्वामी डॉ. अविनाश कृष्ण गोस्वामीसह-संपादकविधि के सहायक प्रोफ़ेसर, लॉयड लॉ कॉलेज, ग्रेटर नोएडाavinash@nyayapathshala.co.inप्रोफ़ाइल देखें →डॉ. निशांत सिंह रावत डॉ. निशांत सिंह रावतसह-संपादकविधि के सहायक प्रोफ़ेसर, लॉयड लॉ कॉलेज, ग्रेटर नोएडाnishant@nyayapathshala.co.inप्रोफ़ाइल देखें →

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