
सह-संपादक
डॉ. निशांत सिंह रावत
विधि के सहायक प्रोफ़ेसर, लॉयड लॉ कॉलेज, ग्रेटर नोएडा
न्याय पाठशाला में
सह-संपादक के रूप में डॉ. रावत उन गाइड की ज़िम्मेदारी देखते हैं जो कामकाजी लोगों के लिए सबसे अहम हैं। लॉयड लॉ कॉलेज के 2026 श्रम क़ानून सम्मेलन के संयोजक और नई श्रम संहिताओं, व्यावसायिक सुरक्षा और बाल श्रम पर शोध करने वाले डॉ. रावत वेतन, ग्रेच्युटी, भविष्य निधि, ग़लत बर्ख़ास्तगी, घरेलू कामगार और बाल श्रम पर हमारी गाइड की समीक्षा करते हैं। आपराधिक क़ानून के विशेषज्ञ होने के साथ वे न्यायिक शक्ति और शक्तियों के पृथक्करण पर भी लिखते हैं, इसलिए अदालतों और संविधान पर हमारे लेखों की भी समीक्षा करते हैं। एनजीओ AADI – A Step towards Humanity के संस्थापक के रूप में वे समाजसेवा की दृष्टि भी साथ लाते हैं।
परिचय
डॉ. निशांत सिंह रावत लॉयड लॉ कॉलेज, ग्रेटर नोएडा में विधि के सहायक प्रोफ़ेसर हैं, जहाँ वे अप्रैल 2023 से पढ़ा रहे हैं, और 2026 में कॉलेज के श्रम क़ानून सम्मेलन के संयोजक रहे। इससे पहले उन्होंने एशियन लॉ कॉलेज, नोएडा, जगन्नाथ विश्व लॉ कॉलेज, देहरादून और ICFAI विश्वविद्यालय, देहरादून में पढ़ाया। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के विधि संकाय से विधि में पीएच.डी. (2026), हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय से आपराधिक क़ानून में एलएल.एम., दिल्ली विश्वविद्यालय के लॉ सेंटर-I से एलएल.बी., और किरोड़ीमल कॉलेज से भौतिकी में बी.एससी. (ऑनर्स) किया है, और वे UGC-NET उत्तीर्ण हैं। उन्होंने श्रम संहिताओं और कामगारों के मानसिक स्वास्थ्य, बालिका श्रमिकों, श्रम विवादों में मध्यस्थता, फ़ॉरेंसिक साक्ष्य और निजता, न्यायिक अतिक्रमण, परिसीमन और कौटिल्य के अर्थशास्त्र पर शोध-पत्र प्रस्तुत किए हैं, जिनमें ऑक्सफ़ोर्ड धर्म सम्मेलन, 2025 भी शामिल है। वे Oxford Human Rights Hub, Bar & Bench और Legal Wires के लिए लिख चुके हैं, और एनजीओ AADI – A Step towards Humanity के संस्थापक व अध्यक्ष हैं।