Englishफ़ॉलो करें:
डॉ. अविनाश कृष्ण गोस्वामी

सह-संपादक

डॉ. अविनाश कृष्ण गोस्वामी

विधि के सहायक प्रोफ़ेसर, लॉयड लॉ कॉलेज, ग्रेटर नोएडा

आपराधिक और सिविल प्रक्रियापारिवारिक क़ानून और मध्यस्थताजेल प्रशासनघरेलू हिंसा

न्याय पाठशाला में

सह-संपादक के रूप में डॉ. गोस्वामी न्याय पाठशाला में एक दुर्लभ अनुभव लाते हैं: संकट में घिरे परिवारों के साथ बैठकर उनकी बात सुनने का वर्षों का अनुभव। 2020 से वे नॉलेज पार्क थाना, ग्रेटर नोएडा में चल रहे पारिवारिक विवाद समाधान क्लिनिक (FDRC) के संस्थापक सदस्य और मध्यस्थ हैं, जो गौतम बुद्ध नगर पुलिस और शारदा विश्वविद्यालय की संयुक्त पहल है। वे घरेलू हिंसा, दहेज, भरण-पोषण, विवाह और तलाक, तथा जेल, विचाराधीन क़ैदी और ज़मानत पर हमारी गाइड की समीक्षा करते हैं, ताकि उनमें वही दिखे जो परिवार और क़ैदी सच में झेलते हैं। वे सिविल प्रक्रिया और अदालत के बाहर विवाद सुलझाने पर हमारी गाइड को भी दिशा देते हैं।

परिचय

डॉ. अविनाश कृष्ण गोस्वामी लॉयड लॉ कॉलेज, ग्रेटर नोएडा में विधि के सहायक प्रोफ़ेसर हैं, जहाँ वे जुलाई 2025 में आए। इससे पहले वे 2019 से शारदा विश्वविद्यालय के शारदा स्कूल ऑफ़ लॉ में पढ़ा रहे थे। उन्होंने शारदा विश्वविद्यालय से विधि में पीएच.डी., नेशनल लॉ स्कूल ऑफ़ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU), बेंगलुरु से मानवाधिकार विधि में स्नातकोत्तर डिप्लोमा (2026), एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ़ एडवांस्ड लीगल स्टडीज़ से आपराधिक क़ानून में विशिष्टता के साथ एलएल.एम., हरलाल स्कूल ऑफ़ लॉ से एलएल.बी., और शारदा विश्वविद्यालय से बी.कॉम. (ऑनर्स) किया है, और अखिल भारतीय बार परीक्षा उत्तीर्ण की है। शिक्षण से पहले उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अरुणाचल प्रदेश सरकार के अपर महाधिवक्ता के साथ दो साल विशेष अनुमति याचिकाओं पर काम किया। पारिवारिक विवाद समाधान क्लिनिक में मध्यस्थ के रूप में उनके काम को गौतम बुद्ध नगर के पुलिस आयुक्त और राष्ट्रीय महिला आयोग ने सराहा है। उन्होंने पाँच पुस्तकों का सह-लेखन और संपादन किया है, जिनमें भारतीय जेल प्रशासन, सिविल प्रक्रिया संहिता, घरेलू हिंसा और न्यायिक सक्रियता पर पुस्तकें शामिल हैं, और क़ैदियों के अधिकार, डिफ़ॉल्ट ज़मानत, निवारक निरोध, किशोर न्याय और घरेलू हिंसा पर व्यापक रूप से लिखा है।

समीक्षा के विषय

हर हफ़्ते एक सरल क़ानूनी लेख पाएँ

आपके अधिकारों पर नए लेख, सीधे आपके ईमेल पर। कोई स्पैम नहीं।