
सह-संपादक
डॉ. स्निग्धा कुरियाल
विधि की सहायक प्रोफ़ेसर, किरीट पी. मेहता स्कूल ऑफ़ लॉ, NMIMS
न्याय पाठशाला में
सह-संपादक के रूप में डॉ. कुरियाल उस क्षेत्र का नेतृत्व करती हैं जहाँ अपराध, पैसा और तकनीक मिलते हैं। वे साइबर ठगी, डिजिटल अरेस्ट घोटाले, बैंकिंग और चेक बाउंस, डेटा संरक्षण और निजता, तथा साक्ष्य और फ़ॉरेंसिक पर हमारी गाइड की समीक्षा करती हैं, ताकि पाठक जान सकें कि आर्थिक और ऑनलाइन अपराधों की जाँच और सबूत असल में कैसे होते हैं। आर्थिक अपराध, धन-शोधन निवारण क़ानून और हरित अपराधशास्त्र पर उनका शोध सफ़ेदपोश अपराध और पर्यावरण पर हमारे लेखों को भी दिशा देता है।
परिचय
डॉ. स्निग्धा कुरियाल किरीट पी. मेहता स्कूल ऑफ़ लॉ, NMIMS में सहायक प्रोफ़ेसर हैं, जहाँ वे जून 2026 से हैं। इससे पहले उन्होंने लॉयड लॉ कॉलेज (2023–2026), शारदा विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ़ लॉ और ICFAI विश्वविद्यालय, देहरादून में पढ़ाया, और अपने करियर की शुरुआत S&G पार्टनर्स, देहरादून में एसोसिएट के रूप में की। 2024 में वे विधि और न्याय मंत्रालय के विधायी विभाग के विधायी प्रारूपण एवं अनुसंधान संस्थान में फ़ेलो रहीं। उन्होंने शारदा विश्वविद्यालय से पीएच.डी. (2026), लॉ कॉलेज देहरादून, उत्तरांचल विश्वविद्यालय से एलएल.एम., और सिम्बायोसिस लॉ स्कूल, नोएडा से बीबीए एलएल.बी. किया है, और वे UGC-NET उत्तीर्ण हैं। उनका शोध आर्थिक अपराध, आपराधिक क़ानून, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, फ़ॉरेंसिक और पर्यावरण क़ानून पर है। उन्होंने धन-शोधन, सफ़ेदपोश अपराध, अपराध-स्थल के साक्ष्य, डेटा संरक्षण और अंतरिक्ष क़ानून पर लिखा है, जिसमें LiveLaw और Telangana Today के लेख शामिल हैं।