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फ़ोटो: Monito, Wikimedia Commons, CC BY 2.0. सांकेतिक चित्र.

रिकवरी एजेंट परेशान कर रहे हैं? वे क्या नहीं कर सकते

न्याय पाठशाला7 मिनट✓ समीक्षा और अद्यतन: अक्टूबर 2026Read in English

RBI ने सुबह 8 से पहले, शाम 7 के बाद वसूली कॉल, धमकी और बदनामी पर रोक लगाई है। नियम, BNS के अपराध, और बैंक, RBI व पुलिस में शिकायत का तरीक़ा।

क़ानून: रिकवरी एजेंटों पर RBI निर्देश (2022; 2026 में संशोधित) · धाराएँ 79, 308, 351, 352, भारतीय न्याय संहिता, 2023 · अनुच्छेद 21, भारत का संविधान

संक्षेप में

  • क़र्ज़ देने वाला याद दिला सकता है, भुगतान माँग सकता है और अदालत जा सकता है। वह आपको, आपके परिवार या सहकर्मियों को धमका, गाली दे, बदनाम या परेशान नहीं कर सकता।
  • RBI नियम सुबह 8 बजे से पहले और शाम 7 बजे के बाद वसूली कॉल या मुलाक़ात, बार-बार कॉल, गुमनाम या धमकी भरी कॉल, और अपमानजनक मैसेज पर रोक लगाते हैं।
  • बैंक या NBFC अपने एजेंटों के काम के लिए ज़िम्मेदार है। पहले उसे लिखित शिकायत करें, फिर cms.rbi.org.in पर RBI लोकपाल को।
  • धमकी, उगाही या गाली-गलौज BNS के तहत अपराध हैं: पुलिस के पास जाएँ, आपात स्थिति में 112 पर कॉल करें।
  • क़िस्त न चुकाना आमतौर पर सिविल मामला है। सिर्फ़ भुगतान न करने पर कोई आपको गिरफ़्तार नहीं कर सकता।

नौकरी छूटने या बीमारी के बाद कुछ EMI छूट गईं। अब रात 9 बजे फ़ोन बजता है, एजेंट पड़ोसी से कहता है कि आप "फ़्रॉड" हैं, और दफ़्तर के रिसेप्शन पर कॉल आती है। लोग खोजते हैं "क्या रिकवरी एजेंट परिवार को कॉल कर सकते हैं?" और "क्या वे घर आ सकते हैं?"। यह लेख बताता है कि क़ानून क्या अनुमति देता है, क्या मना करता है, और क़र्ज़ से निपटते हुए उत्पीड़न रोकने के ठीक-ठीक क़दम क्या हैं।

क़र्ज़ देने वाला क्या कर सकता है

बैंक या विनियमित ऋणदाता क़ानूनी रूप से:

  • उचित समय पर कॉल या चिट्ठी से बकाया याद दिला सकता है;
  • सही पहचान पत्र वाले रिकवरी एजेंट भेज सकता है;
  • पुनर्गठन (restructuring) या एकमुश्त समझौते (one-time settlement) पर बात कर सकता है;
  • सिविल मुक़दमा या मध्यस्थता (arbitration) शुरू कर सकता है, या घर या वाहन जैसे सुरक्षित (secured) लोन में SARFAESI अधिनियम का रास्ता ले सकता है, जो गिरवी संपत्ति पर क़ब्ज़े से पहले 60 दिन के लिखित माँग नोटिस से शुरू होता है;
  • आपके डिफ़ॉल्ट की सूचना क्रेडिट सूचना कंपनियों को दे सकता है, जिससे आपका क्रेडिट स्कोर गिरता है।

ऋणदाता अपने रखे एजेंटों के व्यवहार के लिए पूरी तरह ज़िम्मेदार है। वह यह नहीं कह सकता कि "एजेंसी ने किया"।

RBI नियम क्या मना करते हैं

अगस्त 2022 के RBI निर्देशों के बाद से बैंक, NBFC और दूसरे विनियमित ऋणदाता, और उनके एजेंट:

  • किसी भी तरह की धमकी या उत्पीड़न, ज़बानी या शारीरिक, नहीं कर सकते;
  • आपको सबके सामने अपमानित नहीं कर सकते, न आपके परिवार, गारंटर-संदर्भ (referees) या दोस्तों की निजता में दख़ल दे सकते हैं;
  • फ़ोन या सोशल मीडिया पर अनुचित मैसेज नहीं भेज सकते, न धमकी भरी या गुमनाम कॉल कर सकते हैं;
  • बार-बार कॉल नहीं कर सकते, न बकाया वसूली के लिए सुबह 8:00 से पहले या शाम 7:00 के बाद कॉल कर सकते हैं;
  • झूठी या भ्रामक बातें नहीं कह सकते, जैसे "आज पुलिस आपको गिरफ़्तार करेगी"।

1 जनवरी 2027 से और सख़्त नियम

अगस्त 2026 में RBI ने बैंकों, NBFC, हाउसिंग फ़ाइनेंस कंपनियों और दूसरे ऋणदाताओं के लिए संशोधन निर्देश जारी किए, जो 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे। उदाहरण के लिए वाणिज्यिक बैंकों के लिए ये ज़रूरी होगा कि:

  • बकाये की बात सिर्फ़ उधारकर्ता या गारंटर से हो; रिश्तेदारों, दोस्तों या सहकर्मियों को परेशान करना साफ़ तौर पर मना है;
  • संपर्क और मुलाक़ात सिर्फ़ सुबह 8 से शाम 7 के बीच हो, जब तक आप ख़ुद अलग समय न कहें;
  • पहली घरेलू मुलाक़ात से कम से कम एक दिन पहले आपको रिकवरी एजेंसी का विवरण मिले, और बैंक अपनी रिकवरी एजेंसियों की सूची वेबसाइट पर डाले;
  • एजेंट के पास पहचान पत्र और शिकायत अधिकारी का विवरण वाला अधिकार-पत्र हो, और मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण प्रमाणपत्र हो;
  • वसूली कॉल रिकॉर्ड की जाएँ और रखी जाएँ;
  • लोन पर ख़रीदा फ़ोन सिर्फ़ सख़्त शर्तों पर ही सीमित किया जा सके, और आने वाली कॉल, SMS और आपातकालीन SOS कभी बंद न हों।

उत्पीड़न कब अपराध बन जाता है

कुछ व्यवहार भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) के तहत अपराध है:

  • आपराधिक धमकी (criminal intimidation): आपको, आपकी इज़्ज़त या संपत्ति को, या आपके किसी क़रीबी को नुक़सान की धमकी देकर कुछ करवाना धारा 351 BNS (पहले धारा 503 और 506 IPC)।
  • शांति भंग कराने के इरादे से जानबूझकर अपमान धारा 352 BNS।
  • उगाही (extortion): नुक़सान का डर दिखाकर पैसा या संपत्ति लेना धारा 308 BNS।
  • शब्दों, इशारों या मैसेज से महिला की लज्जा का अपमान धारा 79 BNS।

मारपीट, आपकी मर्ज़ी के ख़िलाफ़ घर में घुसना, या ज़बरदस्ती वाहन या सामान उठा ले जाना भी अपराध है। आपकी तस्वीरें बिगाड़कर (morphing) या आपके संपर्कों को अश्लील मैसेज भेजना, जो अवैध लोन ऐप में आम है, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत भी अपराध हो सकता है।

अनुच्छेद 21 के जीवन के अधिकार में सम्मान से जीने का अधिकार शामिल है, और जस्टिस के.एस. पुट्टस्वामी बनाम भारत संघ (2017) में सुप्रीम कोर्ट ने निजता को मौलिक अधिकार माना। क़र्ज़ इनमें से कोई अधिकार ख़त्म नहीं करता।

क़दम दर क़दम: उत्पीड़न कैसे रोकें

  1. सब कुछ रिकॉर्ड करें। कॉल लॉग, रिकॉर्डिंग, SMS, व्हाट्सऐप मैसेज और स्क्रीनशॉट सँभालें। तारीख़, समय, कॉल करने वाले का नंबर और नाम लिखें।
  2. एजेंट से पहचान माँगें। नाम, एजेंसी, ऋणदाता का अधिकार-पत्र और बकाये की सही राशि लिखित में माँगें। आधिकारिक रसीद के बिना किसी को नक़द न दें।
  3. ऋणदाता के शिकायत अधिकारी को लिखें। हर घटना तारीख़ के साथ लिखें, सबूत लगाएँ, और कहें कि यह व्यवहार बंद हो, एजेंसी का नाम बताया जाए और भुगतान का हिसाब दिया जाए। शिकायत नंबर रखें।
  4. RBI लोकपाल के पास जाएँ। 30 दिन में हल न हो तो 90 दिन के अंदर cms.rbi.org.in पर शिकायत करें। एजेंटों का उत्पीड़न सेवा में कमी है, और मुआवज़ा मिल सकता है।
  5. अपराध की पुलिस में शिकायत। धमकी, गाली, उगाही या हिंसा पर थाने में शिकायत दें; एजेंटों के साथ ऋणदाता के अधिकारियों का नाम भी दे सकते हैं। आपात स्थिति में 112।
  6. अवैध लोन ऐप। जाँचें कि ऐप का ऋणदाता RBI से विनियमित है या नहीं। फ़र्ज़ी ऐप और ब्लैकमेल की शिकायत 1930 या cybercrime.gov.in पर, और अनधिकृत ऋणदाताओं की शिकायत RBI के सचेत (Sachet) पोर्टल पर करें।

क़र्ज़ से कैसे निपटें

कॉल से बचना आमतौर पर हालत बिगाड़ता है। ऋणदाता को अपनी स्थिति (नौकरी छूटना, बीमारी, फ़सल ख़राब होना) लिखकर बताइए और पुनर्गठित योजना, छोटी EMI या एकमुश्त समझौता माँगिए। भुगतान से पहले समझौता लिखित में लें, सिर्फ़ ऋणदाता के आधिकारिक माध्यम से भुगतान करें, और पूरा होने पर "नो ड्यूज़" प्रमाणपत्र लें।

उदाहरण

हैदराबाद के डिलीवरी कर्मी अर्जुन की टू-व्हीलर लोन की तीन EMI छूट गईं। एक एजेंट रात 10 बजे उसकी बहन को कॉल करने लगा और उसके सहकर्मियों को मैसेज भेजा कि वह धोखेबाज़ है। अर्जुन ने मैसेज और कॉल लॉग सँभाले, NBFC के शिकायत अधिकारी को हर घटना लिखकर भेजी और नई EMI योजना माँगी। 30 दिन में जवाब न मिलने पर उसने RBI लोकपाल के पास शिकायत की। कॉल बंद हो गईं, NBFC ने एजेंसी बदल दी, और अर्जुन ने छह महीने का ऐसा पुनर्गठन तय किया जिसे वह चुका सके।

ये तैयार रखें

  • लोन क़रार, मंज़ूरी पत्र और ताज़ा खाता विवरण।
  • तारीख़ और समय सहित कॉल लॉग, रिकॉर्डिंग, मैसेज और स्क्रीनशॉट।
  • एजेंटों और एजेंसी के नाम व नंबर, और उन्होंने जो पहचान पत्र या पत्र दिखाया।
  • ऋणदाता को की गई शिकायत और उसके जवाब की कॉपी।
सावधान

एजेंट कभी-कभी कहते हैं "वारंट आ रहा है" या "आज पुलिस उठा ले जाएगी"। सामान्य लोन डिफ़ॉल्ट में यह झूठ है। आपराधिक मामला सिर्फ़ ख़ास हालात में बनता है, जैसे चेक बाउंस या धोखाधड़ी, और तब भी कार्रवाई सिर्फ़ अदालत या क़ानून के तहत पुलिस कर सकती है, एजेंट कभी नहीं।

कहाँ जाएँ

  • आपात स्थिति या हिंसा: 112; महिला हेल्पलाइन 181।
  • पहले: ऋणदाता का शिकायत निवारण अधिकारी, लिखित में।
  • फिर: RBI लोकपाल, cms.rbi.org.in; हेल्पलाइन 14448।
  • अपराध: आपका स्थानीय थाना; अवैध लोन ऐप और ऑनलाइन ब्लैकमेल 1930 या cybercrime.gov.in पर।
  • अनधिकृत ऋणदाता: RBI सचेत पोर्टल, sachet.rbi.org.in।
  • मुफ़्त क़ानूनी सलाह: 15100।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या रिकवरी एजेंट मेरे परिवार या दफ़्तर को कॉल कर सकते हैं?

RBI नियम एजेंटों को आपके परिवार, संदर्भ-व्यक्तियों या दोस्तों की निजता में दख़ल देने और आपको सबके सामने अपमानित करने से रोकते हैं। 1 जनवरी 2027 से बैंकों के वसूली नियम यह भी कहते हैं कि बकाये की बात सिर्फ़ उधारकर्ता या गारंटर से होगी। सबूत सँभालें और ऋणदाता, फिर RBI लोकपाल से शिकायत करें।

रिकवरी एजेंट किस समय कॉल कर सकते हैं?

सिर्फ़ सुबह 8 से शाम 7 बजे के बीच। बकाया वसूली के लिए सुबह 8 से पहले या शाम 7 के बाद कॉल RBI निर्देशों में मना है, और बार-बार, गुमनाम या धमकी भरी कॉल भी।

क्या रिकवरी एजेंट मेरे घर आ सकता है?

अधिकृत एजेंट बकाये पर बात करने आ सकता है, शालीनता से और तय समय में, पहचान पत्र और ऋणदाता का अधिकार-पत्र लेकर। वह आपकी मर्ज़ी के ख़िलाफ़ अंदर नहीं घुस सकता, धमका नहीं सकता, और ज़बरदस्ती सामान नहीं ले जा सकता। 2027 से बैंकों को पहली मुलाक़ात से कम से कम एक दिन पहले एजेंसी का विवरण बताना होगा।

क्या लोन न चुकाने पर मुझे गिरफ़्तार किया जा सकता है?

साधारण डिफ़ॉल्ट पर नहीं; यह सिविल मामला है। आपराधिक कार्यवाही सिर्फ़ ख़ास मामलों में होती है, जैसे NI एक्ट की धारा 138 में चेक बाउंस या साबित धोखाधड़ी। कार्रवाई सिर्फ़ पुलिस और अदालत क़ानून के अनुसार कर सकती हैं।

यह लेख जागरूकता के लिए सामान्य जानकारी है, क़ानूनी सलाह नहीं। अपनी स्थिति के लिए किसी वकील से सलाह लें या मुफ़्त क़ानूनी सहायता के लिए 15100 पर कॉल करें।

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