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A State Bank of India branch in Nagpurश्रम

फ़ोटो: Ganesh Dhamodkar, Wikimedia Commons, CC BY 4.0. सांकेतिक चित्र.

बैंक के ख़िलाफ़ शिकायत: RBI लोकपाल का इस्तेमाल कैसे करें

न्याय पाठशाला7 मिनट✓ समीक्षा और अद्यतन: अक्टूबर 2026Read in English

RBI लोकपाल योजना 2026: पहले बैंक से शिकायत, 30 दिन इंतज़ार, फिर 90 दिन में cms.rbi.org.in पर मुफ़्त शिकायत। मुआवज़ा और अपील की पूरी जानकारी।

क़ानून: रिज़र्व बैंक – एकीकृत लोकपाल योजना, 2026 · बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949

संक्षेप में

  • हमेशा पहले बैंक, NBFC या वॉलेट कंपनी से लिखित शिकायत करें और शिकायत नंबर सँभालकर रखें।
  • अगर वह शिकायत ठुकरा दे, असंतोषजनक जवाब दे, या 30 दिन में जवाब न दे, तो RBI लोकपाल (Ombudsman) के पास जाएँ।
  • 1 जुलाई 2026 से आपको 30 दिन की अवधि ख़त्म होने या बैंक के आख़िरी जवाब, जो भी बाद में हो, उससे 90 दिन के अंदर शिकायत करनी होगी। पुरानी एक साल की सीमा अब नहीं है।
  • शिकायत मुफ़्त है, cms.rbi.org.in पर ऑनलाइन। विवादित राशि की कोई सीमा नहीं; नुक़सान के लिए ₹30 लाख तक और परेशानी व ख़र्च के लिए ₹3 लाख तक मुआवज़ा।

UPI भुगतान का पैसा कटा पर पहुँचा नहीं। लोन बंद हो गया पर प्रॉपर्टी के काग़ज़ नहीं लौटे। क्रेडिट कार्ड पर ऐसा ख़र्च जो आपने किया ही नहीं। पेंशन महीनों से अटकी। ज़्यादातर लोग खोजते हैं "बैंक की शिकायत RBI में कैसे करें"। जवाब है एक मुफ़्त, पूरी तरह ऑनलाइन व्यवस्था: RBI लोकपाल, यानी रिज़र्व बैंक का एक स्वतंत्र अधिकारी जो बिना अदालत गए बैंक को समस्या ठीक करने और मुआवज़ा देने का आदेश दे सकता है।

अभी कौन-सी योजना लागू है

1 जुलाई 2026 से शिकायतें रिज़र्व बैंक – एकीकृत लोकपाल योजना, 2026 (RB-IOS 2026) के तहत सुनी जाती हैं, जिसने 2021 की योजना की जगह ली है। योजना RBI द्वारा विनियमित संस्थाओं के ख़िलाफ़ सेवा में कमी (deficiency in service, यानी जो सेवा देनी थी उसमें चूक) की शिकायतें सुनती है:

  • वाणिज्यिक बैंक, स्मॉल फ़ाइनेंस और पेमेंट्स बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और सहकारी बैंक;
  • पात्र ग़ैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ (NBFC), जिनमें कई लोन और क्रेडिट कंपनियाँ हैं;
  • ग़ैर-बैंक प्रीपेड भुगतान साधन जारी करने वाले (वॉलेट), भुगतान प्रणाली के प्रतिभागी, और क्रेडिट सूचना कंपनियाँ (जो आपकी क्रेडिट रिपोर्ट बनाती हैं)।

छोटे सहकारी बैंक और NBFC योजना से बाहर हो सकते हैं। पोर्टल पर आपकी संस्था स्वीकार न हो तो सिस्टम बता देगा।

किस बात की शिकायत हो सकती है, किसकी नहीं

लगभग हर सेवा-चूक की शिकायत हो सकती है। आम उदाहरण:

  • ATM, कार्ड, UPI या नेट-बैंकिंग लेन-देन जिसमें पैसा कटा पर जमा नहीं हुआ।
  • बिना सूचना या RBI नियमों के ख़िलाफ़ लगाए गए शुल्क या जुर्माने।
  • लोन बंद होने के बाद प्रॉपर्टी के काग़ज़ लौटाने में देरी।
  • क्रेडिट कार्ड विवाद, बीमा या निवेश उत्पाद ग़लत तरीक़े से बेचना (mis-selling), अनुचित लोन व्यवहार।
  • क्रेडिट रिपोर्ट की ग़लतियाँ जो क्रेडिट सूचना कंपनी ने नहीं सुधारीं।
  • पेंशन भुगतान में देरी, या छोटे सिक्के और नोट लेने से इनकार।

लोकपाल ये मामले नहीं लेगा:

  • बैंक का वाणिज्यिक निर्णय (commercial judgment), जैसे लोन देने से इनकार या नियमों के भीतर ब्याज दर तय करना;
  • ऐसा मामला जो अदालत, ट्रिब्यूनल, उपभोक्ता आयोग या मध्यस्थ (arbitrator) के सामने लंबित है या तय हो चुका है (पुलिस शिकायत इसमें नहीं गिनी जाती);
  • ऐसी शिकायत जो आपने पहले बैंक से नहीं की;
  • कर्मचारी-मालिक विवाद, दो बैंकों के बीच विवाद, या अपमानजनक या बेबुनियाद शिकायतें;
  • वकील के ज़रिए दाख़िल शिकायत (जब तक वकील ख़ुद पीड़ित न हो)। आप परिवार के किसी सदस्य या दूसरे प्रतिनिधि को अधिकृत कर सकते हैं।

क़दम दर क़दम: शिकायत कैसे करें

  1. बैंक से लिखित शिकायत करें। बैंक का शिकायत ईमेल, वेबसाइट फ़ॉर्म, ऐप या शाखा इस्तेमाल करें। खाता नंबर, लेन-देन की तारीख़, राशि, रेफ़रेंस नंबर (UPI में UTR) और आप क्या चाहते हैं, लिखें। शिकायत नंबर नोट करें। बैंक के शिकायत अधिकारी का विवरण उसकी वेबसाइट पर होता है।
  2. 30 दिन इंतज़ार करें। अगर बैंक शिकायत ठुकरा दे, असंतोषजनक जवाब दे, या 30 दिन चुप रहे, तो आगे जा सकते हैं। अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक लेन-देन और कार्ड चार्जबैक जैसे कुछ मामलों में यह अवधि RBI या कार्ड नेटवर्क की लंबी समय-सीमा के अनुसार होती है।
  3. 90 दिन के अंदर शिकायत करें। 30 दिन की अवधि ख़त्म होने या बैंक के आख़िरी जवाब की तारीख़, जो बाद में हो, उससे 90 दिन गिनें। इसके बाद शिकायत स्वीकार नहीं होगी।
  4. ऑनलाइन दाख़िल करें। cms.rbi.org.in पर जाएँ, संस्था चुनें, शिकायत लिखें, और बैंक को की गई शिकायत, बैंक का जवाब (अगर हो) और सहायक दस्तावेज़ अपलोड करें। आप crpc@rbi.org.in पर ईमेल भी कर सकते हैं, या शिकायत फ़ॉर्म डाक से भेज सकते हैं: Centralised Receipt and Processing Centre, Reserve Bank of India, 4th Floor, Sector 17, Central Vista, Chandigarh 160017।
  5. स्थिति देखते रहें। आपको शिकायत नंबर मिलेगा। RBI संपर्क केंद्र 14448 प्रक्रिया समझाता है और स्थिति बताता है; फ़ोन पर शिकायत दर्ज नहीं करता।

शिकायत के बाद क्या होता है

लोकपाल आपकी शिकायत बैंक को भेजता है, जिसे आमतौर पर 15 दिन में दस्तावेज़ों के साथ जवाब देना होता है। लोकपाल पहले सुविधा या सुलह (दोनों पक्षों को राज़ी कराना) से मामला सुलझाने की कोशिश करता है। ऐसा न हो तो वह अवॉर्ड (award) देता है: बैंक को भुगतान या कार्रवाई का बाध्यकारी आदेश। अगर बैंक समय पर जानकारी न दे, तो लोकपाल आपके दिए रिकॉर्ड पर फ़ैसला कर सकता है।

विवादित राशि की कोई सीमा नहीं है। इसके ऊपर लोकपाल परिणामी नुक़सान (consequential loss) के लिए ₹30 लाख तक, और आपके समय, ख़र्च, परेशानी और मानसिक पीड़ा के लिए ₹3 लाख तक मुआवज़ा दिला सकता है।

अवॉर्ड या शिकायत ख़ारिज होने से असंतुष्ट हों, तो 30 दिन के अंदर अपील अपीलीय प्राधिकारी (Appellate Authority) के पास करें, जो RBI के उपभोक्ता शिक्षा और संरक्षण विभाग के प्रभारी कार्यकारी निदेशक हैं। देरी का अच्छा कारण दिखाने पर 30 दिन और मिल सकते हैं।

सुझावऑनलाइन धोखाधड़ी में पैसा वापस मिलना रफ़्तार पर निर्भर है। अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक लेन-देन पर RBI के नियमों के अनुसार, अगर ग़लती आपकी नहीं थी और आपने तीन कार्य दिवसों में बैंक को सूचना दी, तो आपकी देनदारी शून्य है, और जाँच के दौरान बैंक को आपकी सूचना के 10 कार्य दिवसों में विवादित राशि आपके खाते में डालनी होगी।
उदाहरण

सुनीता ने ₹4,800 का बिजली बिल UPI से भरा। पैसा खाते से कट गया पर बिल बकाया दिखता रहा। उसने 2 अगस्त को बैंक के ऐप में शिकायत की और नंबर लिया। बैंक ने कुछ नहीं भेजा। 30 दिन बाद, 5 सितंबर को, उसने UTR का स्क्रीनशॉट और बैंक शिकायत नंबर अपलोड कर cms.rbi.org.in पर शिकायत दर्ज की। कुछ ही हफ़्तों में बैंक ने ₹4,800 लौटाए और देरी का मुआवज़ा भी दिया, जैसा RBI के असफल लेन-देन के नियम कहते हैं।

ये तैयार रखें

  • बैंक को की गई शिकायत, उसकी तारीख़ और शिकायत नंबर, और कोई जवाब।
  • विवादित एंट्री वाला खाता या कार्ड स्टेटमेंट।
  • लेन-देन का सबूत: UTR या रेफ़रेंस नंबर, SMS अलर्ट, स्क्रीनशॉट।
  • लोन बंद होने का पत्र, क़रार या विवाद से जुड़े दूसरे काग़ज़।
  • आपकी पहचान, फ़ोन नंबर और ईमेल।
सावधान

देर न करें। 2026 की योजना में बैंक की 30 दिन की अवधि के बाद सिर्फ़ 90 दिन हैं, पहले की तरह एक साल नहीं। और "RBI में शिकायत पास करवाने" के नाम पर किसी को पैसा न दें: शिकायत मुफ़्त है और किसी एजेंट की ज़रूरत नहीं।

कहाँ जाएँ

  • पहले: बैंक या कंपनी का शिकायत अधिकारी (शाखा, ईमेल, ऐप या वेबसाइट)।
  • फिर: RBI लोकपाल, cms.rbi.org.in; मार्गदर्शन के लिए 14448।
  • फिर: RBI अपीलीय प्राधिकारी, अवॉर्ड या शिकायत ख़ारिज होने के 30 दिन के अंदर।
  • ऑनलाइन धोखाधड़ी: तुरंत अपने बैंक को और 1930 या cybercrime.gov.in पर।
  • लोकपाल की जगह: ज़िला उपभोक्ता आयोग; मार्गदर्शन 1915 पर। मुफ़्त क़ानूनी मदद: 15100।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

RBI लोकपाल के पास जाने से पहले बैंक का कितना इंतज़ार करें?

बैंक से शिकायत करने की तारीख़ से तीस दिन, जब तक बैंक पहले ही शिकायत ठुकरा न दे या ऐसा जवाब न दे जिससे आप असंतुष्ट हों। अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक लेन-देन और कार्ड चार्जबैक में RBI या कार्ड नेटवर्क की लंबी समय-सीमा लागू होती है।

RBI लोकपाल के पास शिकायत की समय-सीमा क्या है?

1 जुलाई 2026 से लागू RB-IOS 2026 में, बैंक की 30 दिन की जवाब अवधि ख़त्म होने या बैंक के आख़िरी जवाब, जो बाद में हो, उससे 90 दिन के अंदर शिकायत करनी होगी। पहले की एक साल की सीमा अब लागू नहीं।

क्या कोई फ़ीस है, और क्या वकील चाहिए?

किसी भी चरण पर कोई फ़ीस नहीं। आप ख़ुद शिकायत करें, या किसी अधिकृत प्रतिनिधि से कराएँ; आपकी ओर से वकील द्वारा दाख़िल शिकायत स्वीकार नहीं होती, जब तक वकील ख़ुद पीड़ित न हो।

क्या मैं इसकी जगह उपभोक्ता अदालत जा सकता हूँ?

हाँ। बैंकिंग सेवा में कमी का मामला ज़िला उपभोक्ता आयोग में भी ले जा सकते हैं। लेकिन जो शिकायत उपभोक्ता आयोग या अदालत में लंबित है या तय हो चुकी है, उसे लोकपाल के सामने नहीं चला सकते, इसलिए एक रास्ता चुनें।

यह लेख जागरूकता के लिए सामान्य जानकारी है, क़ानूनी सलाह नहीं। अपनी स्थिति के लिए किसी वकील से सलाह लें या मुफ़्त क़ानूनी सहायता के लिए 15100 पर कॉल करें।

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