भोजन का अधिकार: NFSA में आपका मुफ़्त राशन
NFSA में आपको कितना मुफ़्त अनाज मिलना चाहिए, माँ-बच्चों का भोजन, राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी, और डीलर धोखा दे तो शिकायत कैसे करें।
संक्षेप में
- "प्राथमिकता वाले परिवार" (PHH) के हर सदस्य को हर महीने 5 किलो अनाज का हक़ है; अंत्योदय (AAY) परिवार को 35 किलो धारा 3 NFSA। 1 जनवरी 2024 से यह अनाज मुफ़्त है।
- गर्भवती महिलाओं, नई माँओं और 6 साल तक के बच्चों को आंगनवाड़ी से मुफ़्त भोजन या घर ले जाने वाला राशन; कक्षा 1 से 8 के स्कूली बच्चों को मुफ़्त मिड-डे मील धारा 4, 5 NFSA।
- NFSA राशन कार्ड से आप देश की किसी भी राशन दुकान से अनाज ले सकते हैं (वन नेशन वन राशन कार्ड)।
- कम राशन मिले या मना किया जाए तो पहले राज्य हेल्पलाइन, फिर ज़िला शिकायत निवारण अधिकारी, फिर राज्य खाद्य आयोग धारा 14–16 NFSA।
भूखे पेट कोई इज़्ज़त से नहीं जी सकता। भारत में ग़रीब परिवारों का भोजन किसी की दया या राशन डीलर की मर्ज़ी पर नहीं छोड़ा गया है। यह संसद के क़ानून और सुप्रीम कोर्ट के कई आदेशों से मिला क़ानूनी हक़ है। यह लेख बताता है कि आपको क्या मिलना चाहिए, राशन कार्ड कैसे बनता है, और डीलर कम दे या लौटा दे तो ठीक-ठीक क्या करें।
यह हक़ कहाँ से आता है
सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 21 के जीवन के अधिकार में भोजन का अधिकार शामिल माना है। PUCL बनाम भारत संघ मामले में, जो 2001 में शुरू हुआ और "भोजन के अधिकार का मामला" कहलाता है, कोर्ट ने कई आदेश दिए, जिनसे मिड-डे मील और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS, यानी राशन दुकान व्यवस्था) जैसी योजनाएँ क़ानूनी हक़ बन गईं।
इसके बाद संसद ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 (NFSA) बनाया। यह ग्रामीण आबादी के 75% तक और शहरी आबादी के 50% तक को कवर करता है। कौन से परिवार पात्र हैं, यह हर राज्य अपने मापदंडों से तय करता है।
आपको क्या मिलना चाहिए
- मासिक अनाज। प्राथमिकता वाले परिवार (PHH कार्ड) के हर सदस्य को हर महीने 5 किलो चावल, गेहूँ या मोटा अनाज। सबसे ग़रीब परिवारों को, अंत्योदय अन्न योजना (AAY कार्ड) में, हर महीने 35 किलो प्रति परिवार धारा 3 NFSA।
- बिल्कुल मुफ़्त। क़ानून ने बहुत कम दाम तय किए थे। 1 जनवरी 2024 से प्रधानमंत्री ग़रीब कल्याण अन्न योजना के तहत केंद्र सरकार NFSA कार्डधारकों को पाँच साल के लिए यह अनाज मुफ़्त दे रही है। कोई डीलर इसके पैसे नहीं ले सकता।
- गर्भवती महिलाएँ और नई माँएँ गर्भावस्था में और प्रसव के छह महीने बाद तक आंगनवाड़ी से मुफ़्त भोजन, और योजना की शर्तों के अधीन कम से कम ₹6,000 का मातृत्व लाभ पाने की हक़दार हैं धारा 4 NFSA।
- बच्चे: छह महीने से छह साल तक के बच्चों को आंगनवाड़ी से मुफ़्त भोजन या घर ले जाने वाला राशन। सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 1 से 8 के बच्चों को स्कूल के दिनों में मुफ़्त मिड-डे मील धारा 5 NFSA।
- खाद्य सुरक्षा भत्ता। सरकार अनाज या भोजन न दे पाए तो राज्य को बदले में नक़द भत्ता देना होगा धारा 8 NFSA।
परिवार की 18 साल या उससे ज़्यादा उम्र की सबसे बड़ी महिला को राशन कार्ड पर परिवार का मुखिया माना जाता है धारा 13 NFSA, ताकि अनाज उसी के हाथ में आए जो आम तौर पर परिवार को खिलाती है।
राशन कार्ड कैसे बनवाएँ
इन हक़ों के लिए NFSA राशन कार्ड (PHH या AAY) चाहिए। अपने राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में आवेदन करें, राज्य पोर्टल पर ऑनलाइन या ब्लॉक, तहसील या वार्ड के आपूर्ति कार्यालय में। आम तौर पर पहचान और पते का प्रमाण, परिवार के सभी सदस्यों का ब्योरा और राज्य जो माँगे वह आय या श्रेणी का प्रमाण लगता है। पात्रता के नियम राज्यों में अलग हैं। आवेदन संख्या वाली लिखित या ऑनलाइन पावती ज़रूर लें, और कुछ न हो तो पूछते रहें।
राज्य राशन कार्ड के सभी सदस्यों का ई-केवाईसी (आधार से सत्यापन) कर रहे हैं। अगर किसी सदस्य का नाम कट जाए, तो आपूर्ति कार्यालय से लिखित में पूछें कि क्यों कटा और वापस जुड़वाने के लिए क्या चाहिए।
कहीं भी राशन लें: पोर्टेबिलिटी
वन नेशन वन राशन कार्ड व्यवस्था में NFSA कार्डधारक दुकान की पॉइंट-ऑफ़-सेल मशीन पर अँगूठा या दूसरा सत्यापन करके देश की किसी भी राशन दुकान से अनाज ले सकता है। प्रवासी मज़दूर अपने हिस्से का अनाज काम वाले शहर में ले सकता है और बाक़ी परिवार गाँव में। "मेरा राशन" ऐप पर आपका हक़ और पास की दुकानें दिखती हैं।
क़दम दर क़दम: राशन न मिले या कम मिले तो
- दुकान पर ही जाँचें। राशन दुकान पर हक़, स्टॉक और दाम लिखे होने चाहिए। मशीन की छपी पर्ची माँगें और अपने सामने तौल देखें। तारीख़, दुकान नंबर और डीलर का नाम लिख लें।
- राज्य हेल्पलाइन पर कॉल करें या पोर्टल पर शिकायत करें। हर राज्य को टोल-फ़्री हेल्पलाइन, कॉल सेंटर या नोडल अधिकारी जैसी आंतरिक शिकायत व्यवस्था चलानी होती है धारा 14 NFSA। नंबर आम तौर पर कार्ड पर छपा होता है या राज्य खाद्य विभाग की वेबसाइट पर मिलता है।
- ज़िला शिकायत निवारण अधिकारी (DGRO) को लिखें। हर ज़िले में एक DGRO होता है जिसे अनाज या भोजन न मिलने की शिकायत सुनकर राहत का आदेश देना होता है धारा 15 NFSA। कई ज़िलों में यह अपर ज़िलाधिकारी (ADM) या इसी स्तर के अधिकारी होते हैं। छोटी लिखित शिकायत भेजें और मुहर लगी प्रति रखें।
- राज्य खाद्य आयोग में अपील करें। DGRO कुछ न करे या आप असहमत हों, तो राज्य खाद्य आयोग में अपील करें धारा 16 NFSA। DGRO की सुझाई राहत बिना उचित कारण न देने वाले अधिकारी पर आयोग ₹5,000 तक का जुर्माना लगा सकता है धारा 33 NFSA।
- स्थानीय निगरानी का सहारा लें। राशन दुकानों पर निगरानी के लिए सतर्कता समितियाँ (vigilance committees) होती हैं, और क़ानून में सामाजिक अंकेक्षण (social audit) ज़रूरी है। ग्राम सभा या वार्ड बैठक में मुद्दा उठाएँ।
- फिर भी न सुलझे तो आगे बढ़ें। CPGRAMS पोर्टल पर शिकायत करें, RTI से दुकान का स्टॉक और वितरण रजिस्टर माँगें, या 15100 पर मुफ़्त क़ानूनी मदद लें।
गया की 52 साल की विधवा शांति के पास अंत्योदय कार्ड है। डीलर कहता है "इस महीने 25 किलो ही आया है" और ₹50 "हैंडलिंग चार्ज" माँगता है। शांति मशीन की पर्ची माँगती है, जिसमें उसके कार्ड पर 35 किलो दर्ज है। वह पर्ची की फ़ोटो लेती है, राज्य खाद्य हेल्पलाइन पर कॉल करके शिकायत नंबर लेती है। दो हफ़्ते में कुछ नहीं होता, तो वह पर्ची और शिकायत नंबर के साथ DGRO को लिखती है। आपूर्ति निरीक्षक दुकान की जाँच करता है, डीलर का लाइसेंस निलंबित होता है और शांति को बाक़ी 10 किलो मिल जाता है।
ये तैयार रखें
- राशन कार्ड (या आवेदन संख्या) और परिवार के सदस्यों के पहचान पत्र।
- राशन दुकान की मशीन पर्चियाँ, या जिन तारीख़ों पर लौटाया गया उनका नोट।
- हेल्पलाइन शिकायत नंबर, मुहर लगी लिखित शिकायतों की प्रतियाँ।
- आंगनवाड़ी या मिड-डे मील की समस्या में: बच्चे या माँ का पंजीकरण विवरण।
"अनाज नहीं आया" या "कुछ ज़्यादा दो" को आख़िरी बात न मानें। NFSA का अनाज मुफ़्त है, मशीन आपके कार्ड पर जारी मात्रा दर्ज करती है, और कम तौलना धोखा है। पर्ची हमेशा लें; उसके बिना आपकी बात डीलर की बात के ख़िलाफ़ होगी।
कहाँ जाएँ
- राशन डीलर और स्थानीय आपूर्ति निरीक्षक या ब्लॉक आपूर्ति कार्यालय।
- राज्य खाद्य हेल्पलाइन या ऑनलाइन शिकायत पोर्टल (कार्ड या राज्य खाद्य विभाग की वेबसाइट देखें); राष्ट्रीय NFSA पोर्टल: nfsa.gov.in।
- ज़िला शिकायत निवारण अधिकारी, फिर राज्य खाद्य आयोग।
- आंगनवाड़ी और मातृत्व लाभ के लिए: आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, फिर बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO)।
- CPGRAMS: pgportal.gov.in। मुफ़्त क़ानूनी सहायता: 15100 या ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
NFSA में मुझे कितना मुफ़्त राशन मिलना चाहिए?
प्राथमिकता वाले परिवार के हर सदस्य को हर महीने 5 किलो अनाज, यानी चार लोगों के परिवार को 20 किलो। अंत्योदय (AAY) परिवार को सदस्य संख्या चाहे जो हो, हर महीने 35 किलो। 1 जनवरी 2024 से यह अनाज प्रधानमंत्री ग़रीब कल्याण अन्न योजना में मुफ़्त है।
क्या मैं दूसरे राज्य में राशन ले सकता हूँ?
हाँ। वन नेशन वन राशन कार्ड में NFSA कार्डधारक बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद भारत की किसी भी राशन दुकान से अनाज ले सकते हैं। आप काम की जगह अपने हिस्से का अनाज ले सकते हैं और परिवार बाक़ी घर पर।
राशन दुकान पर अँगूठा न मिले तो क्या करें?
सिर्फ़ बायोमेट्रिक न मिलने से आपको लौटाया नहीं जाना चाहिए। राज्य में मान्य दूसरा तरीक़ा माँगें, जैसे OTP, आइरिस स्कैन या नामित व्यक्ति। डीलर मना करे तो तारीख़ लिखें और राज्य हेल्पलाइन या DGRO से शिकायत करें।
राशन डीलर धोखा दे तो शिकायत किससे करें?
पहले राज्य खाद्य हेल्पलाइन या उसके ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत करें। हल न हो तो धारा 15 NFSA के तहत ज़िला शिकायत निवारण अधिकारी को लिखें, और फिर भी न सुलझे तो धारा 16 के तहत राज्य खाद्य आयोग में अपील करें। दुकान की मशीन पर्ची सबूत के तौर पर रखें।
सरकार अनाज न दे तो क्या पैसे मिल सकते हैं?
हाँ। धारा 8 NFSA के तहत, हक़ का अनाज या भोजन न मिलने पर राज्य सरकार से खाद्य सुरक्षा भत्ता पाने का हक़ है। इसे DGRO के ज़रिए लिखित में माँगें।
यह लेख जागरूकता के लिए सामान्य जानकारी है, क़ानूनी सलाह नहीं। अपनी स्थिति के लिए किसी वकील से सलाह लें या मुफ़्त क़ानूनी सहायता के लिए 15100 पर कॉल करें।